
बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तीन डॉक्टरों को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डॉक्टर मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब पर जांच के लिए भेजने के बदले कमीशन की मांग कर रहे थे।
लोकायुक्त पुलिस इंदौर के पुलिस अधीक्षक Rajesh Sahay ने बताया कि राजपुर स्थित सेवा पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली ने 4 मई को लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साईं और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा पर आरोप लगाया गया था कि वे मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए भेजने के बदले कमीशन मांग रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार पहले डॉक्टर लैब की आय का 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे, लेकिन हाल ही में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया था।
लोकायुक्त द्वारा शिकायत के सत्यापन के दौरान डॉ. अमित शाक्य ने 8 हजार रुपए, डॉ. दिव्या साईं ने 5 हजार रुपए और डॉ. मनोहर गोदारा ने 12 हजार रुपए लेने पर सहमति जताई। इसके बाद गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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