
सतना के शासकीय उत्कृष्ट उच्च माध्यमिक विद्यालय एमएलबी के प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर शिक्षकों को प्रताड़ित करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान में अनियमितता बरतने और रिश्वत मांगने जैसे आरोप लगे थे। यह कार्रवाई कलेक्टर सतना की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा प्राचार्य के खिलाफ लगातार शिकायतें की जा रही थीं। जांच में सामने आया कि सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक विजय शंकर पांडेय और श्रीमती करूणा मिश्रा के स्वत्वों का भुगतान जानबूझकर लंबित रखा गया था।
जांच दल द्वारा लिए गए शिक्षकों और कर्मचारियों के बयान में प्रताड़ना और राशि मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि संस्कृत सोहावल विद्यालय में पदस्थापना के दौरान विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला ने अतिथि शिक्षक शैलेंद्र कुमार तिवारी से फोन-पे के माध्यम से 5 हजार रुपये अपने खाते में लिए थे। बाद में गलत परीक्षा परिणाम का हवाला देकर संबंधित अतिथि शिक्षक को कार्य से हटाने का भी आरोप है।
जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराना और जांच दल को सहयोग न करना भी गंभीर माना गया। कलेक्टर कार्यालय ने इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता करार दिया है।
मामले में मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के उल्लंघन के आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09(1)(क) के तहत प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सतना निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
Leave A Reviews