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विदिशा में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, पटवारी 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार


विदिशा। विदिशा जिले की नटेरन तहसील में लोकायुक्त भोपाल की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस अभियान के तहत हल्का पटवारी संदीप यादव को 30 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया है। आरोपी पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार होने के बाद पूरे जिले के राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जमीन नामांतरण और बंटवारे के बदले मांगे पैसे

यह पूरा मामला नटेरन तहसील के अंतर्गत आने वाले एक गांव का है। शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र धाकड़ की पारिवारिक भूमि का बंटवारा, नामांतरण और फौती नामांतरण का प्रकरण काफी समय से तहसील में अटका हुआ था। आरोप है कि इस लंबित काम को पूरा करने के एवज में हल्का पटवारी संदीप यादव प्रमेन्द्र से लगातार रुपयों की मांग कर रहा था। पटवारी द्वारा बार-बार काम टालने और अवैध रकम के लिए दबाव बनाने से परेशान होकर पीड़ित ने लोकायुक्त भोपाल को लिखित शिकायत सौंप दी।

लोकायुक्त ने जाल बिछाकर किया ट्रैप

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले आरोपों का गोपनीय सत्यापन कराया। जब जांच में रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह सही पाई गई, तो टीम ने पटवारी को दबोचने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। इसी रणनीति के तहत 9 जुलाई को लोकायुक्त भोपाल की एक विशेष टीम नटेरन तहसील पहुंच गई।

निजी कार्यालय में लेते रहे थे घूस

तय योजना के मुताबिक, पटवारी संदीप यादव ने रिश्वत की रकम लेने के लिए शिकायतकर्ता प्रमेन्द्र को तहसील कार्यालय के ठीक पीछे स्थित अपने निजी दफ्तर में बुलाया था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी को केमिकल युक्त 30 हजार रुपये थमाए और आरोपी ने उसे अपनी जेब में रखा, वैसे ही बाहर घात लगाए खड़ी लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने मौके पर ही पटवारी के हाथ धुलवाए और रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। इस औचक कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्ट आचरण के दोषी पाए गए पटवारी संदीप यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। लोकायुक्त के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य बिचौलिया या अधिकारी तो शामिल नहीं है। वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी पटवारी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

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