
रीवा लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में टीम ने वन परिक्षेत्र सिरमौर के अंतर्गत त्योंथर में पदस्थ कार्यवाहक वनपाल दिनेश कुमार को 78 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता नीरज यादव (उम्र 34 वर्ष, निवासी सीतापुर, उत्तर प्रदेश) ने 10 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। नीरज यादव के मुताबिक, वे ट्रक (क्रमांक UP 15 DT 0614) के चालक हैं। बीते 7 जून 2026 को वे ट्रक में लकड़ी लोड करके उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जा रहे थे, तभी वन चौकी त्योंथर (परिक्षेत्र सिरमौर) में वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके वाहन को रोककर जब्त कर लिया था।
जब उन्होंने वाहन छुड़वाने के संबंध में पदस्थ कार्यवाहक वनपाल दिनेश कुमार से बात की, तो वनपाल ने ट्रक को छोड़ने और आधिकारिक जुर्माने की राशि कम कराने के एवज में 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
लोकायुक्त ने ऐसे बिछाया जाल:
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस रीवा ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि सही पाए जाने पर 25 जुलाई 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजना के तहत शिकायतकर्ता नीरज यादव रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 78,000 रुपये देने रीवा-सेमरिया मार्ग स्थित पूर्वा फॉल के पास 'स्वर्णलोक ढाबा' पहुंचे। जैसे ही आरोपी कार्यवाहक वनपाल दिनेश कुमार ने रिश्वत की राशि अपने हाथों में ली, पास में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
कानूनी कार्रवाई जारी:
लोकायुक्त टीम ने आरोपी वनपाल के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988' (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया और उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार सहित रीवा लोकायुक्त की टीम शामिल रही।
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