
सिंगरौली. मध्य प्रदेश के ऊर्जाधानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर पालिक निगम ने संपत्ति कर (Property Tax) के बड़े बकायादारों के खिलाफ अपना रुख सख्त कर लिया है। निगम के डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस ने क्षेत्र की प्रमुख औद्योगिक कंपनियों और अन्य बड़े संस्थानों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपना बकाया कर जमा करें। निगम ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित संस्थानों की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नगर निगम द्वारा जारी की गई सूची में एक दर्जन से अधिक नाम शामिल हैं, जिनमें नामी औद्योगिक कंपनियां और शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं। इन पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है। निगम के रडार पर कन्द्रोई ट्रांसपोर्ट (12.83 लाख), विन्ध्या एग्रो इंडस्ट्री (12.62 लाख), लार्सन एंड टर्बो लिमिटेड (8.85 लाख), और सिक्कल लॉजिस्टिक (8.72 लाख) जैसी कंपनियां प्रमुख हैं। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम, लोहिया एग्रो राइस मिल और सेंट जोसेफ स्कूल जैसे संस्थानों को भी नोटिस थमाया गया है।
नगर निगम के इस कड़े रुख के बाद बकायादारों में हड़कंप मच गया है। डिप्टी कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि अब रियायत का समय समाप्त हो चुका है और निगम अपनी राजस्व वसूली को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर जमा न करने की स्थिति में केवल नोटिस ही नहीं, बल्कि संपत्तियों की तालाबंदी और नीलामी जैसी कानूनी कार्रवाइयां भी अमल में लाई जा सकती हैं।
नगर निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख बकाया राशि इस प्रकार है:
कन्द्रोई ट्रांसपोर्ट: 12,83,406 रुपये
विन्ध्या एग्रो इंडस्ट्री: 12,62,437 रुपये
लार्सन एंड टर्बो लिमिटेड: 8,85,524 रुपये
सिक्कल लॉजिस्टिक: 8,72,328 रुपये
पीसी पटेल: 5,67,674 रुपये
लोहिया एग्रो राइस मिल: 4,51,000 रुपये
होटल सागर (नरेश कुमार शाह): 2,45,936 रुपये
सेंट जोसेफ स्कूल: 3,04,785 रुपये
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