
कांकेर: छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल कांकेर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नौकरी के नाम पर मानव तस्करी के गिरोह ने करीब 35 युवतियों को अपना शिकार बनाया है। जानकारी के अनुसार, इन लड़कियों को बेहतर वेतन और नर्सिंग के काम का लालच देकर झारखंड के गढ़वा जिले ले जाया गया था।
सोशल मीडिया वीडियो से हुआ खुलासा यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बंधक बनाई गई एक युवती ने छिपकर अपने गांव के एक युवक को मदद के लिए मैसेज और वीडियो भेजा। वीडियो में लड़कियां अपनी आपबीती सुनाते हुए मदद की गुहार लगा रही हैं और बता रही हैं कि उन्हें वापस घर नहीं जाने दिया जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।
प्रशासनिक कार्रवाई कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें झारखंड के गढ़वा जिले में लड़कियों के बंधक होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा, "कुछ लड़कियां नर्सिंग की ट्रेनिंग के नाम पर वहां गई थीं। कल फोन कॉल के माध्यम से शिकायत मिली कि उन्हें वहां बंधक बनाकर रखा गया है। हमने गढ़वा प्रशासन और पुलिस से संपर्क किया है और जल्द ही सभी युवतियों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।"
रेस्क्यू ऑपरेशन सामाजिक कार्यकर्ता ललित नरेटी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी पहल पर लड़कियों को छुड़ाने के लिए एक विशेष टीम का समन्वय किया गया है। गढ़वा पुलिस ने भी एक विशेष टीम गठित की है जिसने उन ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है जहाँ लड़कियों को रखे जाने की आशंका है।
मानव तस्करी का बढ़ता जाल प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि की मेधावी लड़कियों को रोजगार का झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है और फिर वहां उनके दस्तावेज छीनकर उन्हें बंधक बना लिया जाता है। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि उनकी बेटियों को सुरक्षित वापस लाया जाए और इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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