
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ बीजेपी नेता शुभेन्दु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी की गरिमामयी उपस्थिति में अधिकारी के नाम का आधिकारिक ऐलान किया गया। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने एक स्वर में स्वीकार किया। इस चुनाव के साथ ही शुभेन्दु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में इतिहास रचने जा रहे हैं।
ममता बनर्जी को हराकर रच दिया था इतिहास शुभेन्दु अधिकारी की इस बड़ी उपलब्धि के पीछे उनके चुनावी प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विधानसभा चुनावों में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही हाई-प्रोफाइल सीटों से जीत हासिल की। विशेष रूप से भवानीपुर सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शिकस्त देकर राजनीतिक गलियारों में सबको चौंका दिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा की 293 सीटों में से 207 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद बीजेपी ने राज्य की कमान अपने सबसे अनुभवी और जमीनी स्तर के नेता को सौंपने का निर्णय लिया है।
पंचायत से पार्लियामेंट और अब मुख्यमंत्री का सफर 55 वर्षीय शुभेन्दु अधिकारी का राजनीतिक सफर करीब तीन दशकों का है। 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के करकुली गांव में जन्मे अधिकारी को राजनीति विरासत में मिली है; उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। शुभेन्दु ने अपने करियर की शुरुआत 1995 में कांग्रेस पार्षद के रूप में की थी। इसके बाद वह 2005 में पहली बार विधायक बने और 2009 व 2014 में तामलुक से लोकसभा सांसद चुने गए। नंदीग्राम आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें 'मेदिनीपुर का बादशाह' बना दिया। साल 2020 में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही वह बंगाल में पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं।
शनिवार को होगा शपथ ग्रहण समारोह राजनीति के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले और अविवाहित रहे शुभेन्दु अधिकारी शनिवार (9 मई) को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके परिवार में दो भाई, दिब्येंदु और सौमेंद्र भी राजनीति में सक्रिय हैं और सांसद व विधायक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। मई 2021 से 2026 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के बाद अब अधिकारी राज्य के शीर्ष पद को संभालते हुए बंगाल में 'सोनार बांग्ला' के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। उनके शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
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