
मुंबई/दिल्ली. ग्लोबल मार्केट में जारी अनिश्चितता के बीच भारतीय बाजारों में कीमती धातुओं के दाम आसमान छू रहे हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को चांदी की कीमतों में 13,000 प्रति किलो की ऐतिहासिक तेजी आई, जिससे इसके दाम 2.44 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए. वहीं, सोने ने भी 4,000 की छलांग लगाकर 1.52 लाख प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार कर लिया है.
युद्धविराम का कीमतों पर 'विपरीत' असर
आमतौर पर युद्ध टलने से सोने के दाम गिरते हैं, लेकिन इस बार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक अब भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं. ट्रंप द्वारा दी गई 'सभ्यता मिटाने' की चेतावनी और ईरान के 'ट्रिगर पर हाथ' वाले बयानों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने-चांदी की ओर धकेला है.
2026 में अब तक का सफर: 19,000 महंगा हुआ सोना
इस साल सोने और चांदी ने निवेशकों को मालामाल किया है, लेकिन खरीदारों की जेब ढीली कर दी है:
सोना: 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख पर था. आज यह 1.52 लाख पर है, यानी महज 3 महीने में 19,000 की बढ़ोतरी.
चांदी: नए साल की शुरुआत 2.30 लाख से हुई थी, जो अब 2.44 लाख पर है. इस साल अब तक चांदी 14,000 महंगी हो चुकी है.
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज जोरदार लिवाली देखी गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमतें $4,800 प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता सफल नहीं रहती है, तो सोने के दाम 1.60 लाख के स्तर को भी छू सकते हैं.
ग्राहकों पर असर
भारत में शादियों का सीजन होने के कारण जेवरात की मांग अधिक है. ऐसे में कीमतों में आए इस भारी उछाल ने मध्यम वर्ग के बजट को बिगाड़ दिया है. ज्वेलर्स का कहना है कि लोग अब पुराने सोने के बदले नई ज्वेलरी लेने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
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