
इम्फाल/बिष्णुपुर. मणिपुर में शांति की कोशिशों को उस वक्त गहरा धक्का लगा जब बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर को निशाना बनाकर बम फेंक दिया. इस कायराना हमले में 5 साल के मासूम और महज 6 महीने की बच्ची की सोते समय ही मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश की लहर दौड़ गई है और कई जिलों में हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं.
CRPF कैंप पर हमला और आगजनी
बच्चों की मौत की खबर फैलते ही हजारों की भीड़ सड़कों पर उतर आई. प्रदर्शनकारियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन और सीआरपीएफ (CRPF) कैंप पर धावा बोल दिया.
भीषण हिंसा: भीड़ ने दो तेल टैंकरों और एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया. सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच हुई झड़प में गोलीबारी के दौरान दो और लोगों की मौत की खबर है, जबकि 5 अन्य घायल हुए हैं.
इम्फाल में तनाव: राजधानी इम्फाल में भी कई जगहों पर तोड़फोड़ और टायर जलाकर सड़कों को जाम करने की घटनाएं सामने आई हैं.
NIA को सौंपी गई जांच
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस घटना को राज्य की सुरक्षा पर बड़ा हमला बताते हुए हाई-लेवल मीटिंग बुलाई. सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस बम हमले की जांच एनआईए (NIA) को सौंपने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
प्रशासन की सख्ती: कर्फ्यू और इंटरनेट बंद
हालात को बेकाबू होते देख प्रशासन ने मणिपुर के 5 जिलों में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं. साथ ही, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, बिष्णुपुर और थौबल समेत 4 जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. सड़कों पर भारी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
विधायक ने बताया 'आतंकवादी कृत्य'
स्थानीय भाजपा विधायक थोंगम शांति सिंह ने इस हमले को अमानवीय और क्रूर बताते हुए कहा, "एक 5 महीने की बच्ची की हत्या आतंकवाद से कम नहीं है. यह समाज के माथे पर कलंक है." उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है.
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