
नई दिल्ली/तेहरान. अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी जारी की है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है. यह फैसला सीजफायर के बावजूद क्षेत्र में बनी अनिश्चितता और 'हाई अलर्ट' को देखते हुए लिया गया है.
एडवाइजरी की 3 बड़ी बातें:
सुरक्षित वापसी: नागरिकों से अपील की गई है कि वे व्यावसायिक उड़ानों या सुझाए गए सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल कर जल्द से जल्द स्वदेश लौटें.
बॉर्डर न लांघें: दूतावास ने सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी नागरिक बिना समन्वय और अनुमति के किसी भी अंतरराष्ट्रीय जमीनी सीमा (International Border) की ओर न जाए.
हेल्पलाइन सक्रिय: आपात स्थिति के लिए दूतावास ने विशेष हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की है, ताकि फंसे हुए भारतीयों को तुरंत सहायता दी जा सके.
48 घंटे के 'स्टे-इन' के बाद 'एग्जिट' का फैसला
इससे पहले मंगलवार शाम को दूतावास ने भारतीयों को 'जहाँ हैं वहीं रहें' की सलाह दी थी. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दी गई "विनाशकारी चेतावनी" और खाड़ी देशों में बजते सायरन के बाद, भारत सरकार ने रणनीति बदलते हुए नागरिकों को वहां से निकालना ही बेहतर समझा है.
9,000 भारतीयों का भविष्य
संघर्ष शुरू होने के समय (28 फरवरी) ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे. सरकार के सफल प्रयासों से अब तक 1,800 लोग सुरक्षित वापस आ चुके हैं. शेष लगभग 7,200 भारतीयों को निकालने के लिए सरकार अब सीजफायर की इस 2 हफ्ते की खिड़की का इस्तेमाल करना चाहती है.
सरकार की अपील
विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से दी गई जानकारी पर भरोसा करने को कहा है. सरकार का मुख्य उद्देश्य सीजफायर खत्म होने से पहले सभी भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करना है.
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