Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ब्रिटिश काल के साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो रहा पीएमओ, केंद्रीय मंत्री ने बताया इतिहास एक नया मोड़

नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के कार्यालय का भी पता बदल जाएगा। प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि शुक्रवार को स्वतंत्र भारत का इतिहास एक नया मोड़ लेगा।

नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को सेवा तीर्थ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के कार्यालय का भी पता बदल जाएगा। प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि शुक्रवार को स्वतंत्र भारत का इतिहास एक नया मोड़ लेगा।

यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है और आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 13 फरवरी को स्वतंत्र भारत का इतिहास एक नया मोड़ लेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ब्रिटिश काल के साउथ ब्लॉक से अपने नए पते, सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो रहा है। संयोगवश, ठीक इसी दिन, 13 फरवरी 1931 को, अंग्रेजों ने नई दिल्ली को औपनिवेशिक भारत की राजधानी घोषित किया था।

उन्होंने आगे लिखा कि उस औपनिवेशिक घोषणा से लेकर इस निर्णायक परिवर्तन तक का सफर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के औपनिवेशिक विरासत को त्यागने और वास्तव में आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी नए भारत के निर्माण के संकल्प को दर्शाता है।

बता दें कि सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय मामलों का मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं।

दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं। ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी। इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं। ये उपाय परिचालन दक्षता बढ़ाते हुए पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करते हैं।

भवन परिसरों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जैसे स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना, जो अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित करती हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News