
दमोह के तहसील ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में आ गया। मेले में आसपास के गांवों से पहुंचे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या भोजन व्यवस्था को लेकर सामने आई, जहां किसानों को बैठने की उचित व्यवस्था नहीं मिल सकी और उन्हें कचरे के ढेर तथा नालियों के पास जमीन पर बैठकर खाना खाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
महिलाओं को भी गाड़ियों के पास जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ा, जिससे किसानों में नाराजगी देखने को मिली। कई किसानों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी खुद ऐसी स्थिति में बैठकर दिखाएं।
हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन किसान खुद जमीन पर बैठ गए। विभाग के अनुसार, मेले में करीब 2000 किसानों को बुलाने का लक्ष्य था, जहां आधुनिक खेती और कृषि यंत्रों की जानकारी दी जानी थी।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंच के सामने कई कुर्सियां खाली पड़ी थीं और किसानों की संख्या भी बताई गई संख्या से कम थी। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे और किसान मोर्चा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कृषि विभाग के सहायक संचालक जगत लाल प्रजापति ने बताया कि किसानों के लिए अलग-अलग भोजन काउंटर और बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद आयोजन की बदहाली से कई किसान निराश होकर लौट गए।
Leave A Reviews