
छतरपुर जिला अस्पताल में लंबे समय से पदस्थ 10 विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारियों का अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) छतरपुर ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करते हुए सभी पुराने संलग्नीकरण आदेशों को निरस्त कर दिया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई स्वास्थ्य आयुक्त भोपाल और सागर संभाग के संभागीय संचालक द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी संबंधित चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि वे आदेश जारी होने के तीन दिन के भीतर अपनी मूल पदस्थापना वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें और उपस्थिति दर्ज कराएं।
सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जारी पदस्थापना आदेश के तहत सर्जिकल विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद तौसीफ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मातागुवां (ईशानगर) भेजा गया है। वहीं डॉ. आशीष शुक्ला तथा निश्चेतना विशेषज्ञ (एनेस्थीसिया) डॉ. सुकृति जैन को सिविल अस्पताल नौगांव में पदस्थ किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर में डॉ. सना सिद्दीकी और डॉ. महेन्द्र अपनी सेवाएं देंगे। इसके अतिरिक्त मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजपुर तथा डॉ. रुचि शर्मा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खजुराहो भेजा गया है। सूची में शामिल डॉ. नरेन्द्र मिश्रा को सिविल अस्पताल नौगांव, डॉ. आनंद चौरसिया को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ीमलहरा और डॉ. जीतेन्द्र अहिरवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरिहार में पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई थी, जिसके चलते सामान्य उपचार के लिए भी मरीजों को लंबी दूरी तय कर जिला अस्पताल छतरपुर आना पड़ता था। इन 10 विशेषज्ञ एवं चिकित्सा अधिकारियों की मूल पदस्थापना पर वापसी से नौगांव, खजुराहो, महाराजपुर, ईशानगर और गौरिहार जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं में सीधा सुधार देखने को मिलेगा। स्थानीय स्तर पर ही सर्जरी, मेडिसिन और आपातकालीन सेवाएं सुलभ होने से जिला अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी पर मरीजों का अत्यधिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
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