
छतरपुर जिले अंतर्गत हिनौता थाना क्षेत्र की हथौहा ग्राम पंचायत के मजरा क्योटा में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक हृदयविदारक हादसा घटित हो गया। देर रात करीब 1 बजे जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, तभी एक कच्चा मकान और उसकी दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। मकान का मलबा सीधे सो रहे लोगों पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से रिश्ते में बुआ-भतीजी लगने वाली दो मासूम बच्चियों—13 वर्षीय रचना केवट और महज 2 माह की नवजात हिमांशी केवट की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, मासूम की मां हेमा केवट गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिवार के मुखिया लक्खू केवट के अनुसार, रात के समय सभी लोग कमरे के भीतर सो रहे थे। अचानक दीवार और छत गिरने की जोरदार आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाने का राहत-बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला और तुरंत चंदला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद 13 वर्षीय रचना और 2 माह की हिमांशी को मृत घोषित कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल हेमा केवट को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
गुरुवार सुबह पुलिस की निगरानी में दोनों बच्चियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। गांव पहुंचते ही दोनों बच्चियों के शवों को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों ने भारी मन से दोनों मासूमों की अंतिम यात्रा में भाग लिया। इस हादसे ने ग्रामीण अंचलों में आवास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अति-गरीब परिवार आज भी जर्जर और असुरक्षित कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जिससे बारिश के मौसम में ऐसे जानलेवा हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार तुरंत छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से घायल हेमा केवट के स्वास्थ्य की जानकारी ली और समुचित व बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और राहत के तौर पर मौके पर ही 50 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि प्राकृतिक आपदा और राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत मिलने वाली पूर्ण मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को शीघ्र स्वीकृत कराई जाएगी। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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