
छतरपुर। पन्ना-छतरपुर मार्ग पर मंगलवार 07 अप्रैल की शाम एक बड़ा हंगामा हुआ। सीट बेल्ट न लगाने पर जब पुलिस ने गाड़ी रोकी तो रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी नाराज हो गए और पुलिसकर्मियों से ही उलझ गए। कानून की रक्षा करने वाले ही जब कानून हाथ में लें, तो नजारा खौफनाक होता है। पन्ना में एक रिटायर्ड डीएसपी ने खाकी का जरा भी सम्मान नहीं किया। उन्होंने सड़क पर सरेआम ड्यूटी कर रहे पुलिसवालों को धमकाया। अपनी लाइसेंसी बंदूक निकालकर वे पुलिसकर्मियों को डराने लगे। फिलहाल ये पूरी घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
सीट बेल्ट न पहनने पर हुआ था विवाद
पन्ना-छतरपुर मार्ग एनएच-39 पर मंगलवार 07अप्रैल की शाम को एक अजीब वाकया हुआ। सीट बेल्ट न पहनने पर पुलिस ने एक रिटायर्ड डीएसपी भरत सिंह चौहान और उनकी पत्नी को रोका तो दोनों पुलिस टीम से ही उलझ पड़े। आरोप है कि गुस्से में आकर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर बंदूक तक तान दी थी।
जानकारी के अनुसार इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। तभी मैहर के रहने वाले रिटायर्ड डीएसपी भरत सिंह चौहान अपनी पत्नी के साथ कार में जा रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें सीट बेल्ट न पहनने पर रोका, तो दोनों भड़क गए और पुलिस के साथ बदसलूकी करने लगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें साफ दिख रहा है कि रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी पुलिसकर्मियों से झगड़ रहे हैं। बहस के दौरान जब पुलिस ने नियमों की बात की, तो गुस्से में आकर उन्होंने अपनी बंदूक निकाल ली।
पुलिसकर्मियों और डीएसपी के बीच हुई बातें
अधिकारी बताकर रौब दिखाने की कोशिश रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को पुलिस विभाग का पूर्व अधिकारी बताकर रौब दिखाने की कोशिश की। जब महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि बंदूक अंदर रखो, तो रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी ने जवाब दिया, हम क्यों रखें? हमारे पास लाइसेंस है। इस पर अधिकारी ने कहा, लाइसेंस होने का मतलब ये नहीं कि आप सड़क पर बंदूक घुमाओ। पुलिस का कहना था कि उन्होंने बेल्ट नहीं पहना था, जबकि कार में सवार लोगों ने इससे साफ इनकार किया।
आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज
पन्ना की एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थिति को काबू में करने के बाद मंडला पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकारी काम में रुकावट डालने, पुलिस के साथ बदतमीजी करने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने साफ किया कि कानून सभी के लिए बराबर है, चाहे वह किसी विभाग का पूर्व अधिकारी ही क्यों न हो।
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