
छतरपुर: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम (गढ़ा) में बुधवार को एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ हरियाणा के रेवाड़ी से परिवार के साथ आए 6 वर्षीय बालक दिव्यांश शर्मा की गंदे पानी से भरे एक खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना दोपहर करीब 11 से 12 बजे के बीच की बताई जा रही है। इस हादसे ने धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रवीण कुमार अपने बीमार बेटे दिव्यांश को 'झाड़ा' लगवाने के लिए बागेश्वर धाम लेकर आए थे। बुधवार दोपहर जब परिवार धाम क्षेत्र में मौजूद था, तभी दिव्यांश खेलते-खेलते पास के एक ढाबे के पीछे चला गया। वहाँ ढाबा संचालक द्वारा बनाए गए गंदे पानी के गहरे और खुले गड्ढे में वह अचानक गिर गया। काफी देर तक जब बच्चा नजर नहीं आया, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों की मदद से हुई खोजबीन में बच्चे का शव उसी गड्ढे में उतराता मिला। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता प्रवीण कुमार ने अस्पताल प्रबंधन और व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में उन्हें जिला अस्पताल से सरकारी एम्बुलेंस तक मयस्सर नहीं हुई। पिता का आरोप है कि अस्पताल परिसर में निजी एम्बुलेंस संचालक और दलाल सक्रिय हैं, जो पीड़ित परिवार की मजबूरी का फायदा उठाकर मोटी रकम वसूलने की ताक में रहते हैं। इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोगों में इस खुली लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है।
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