
छतरपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ विन्ध्यवासिनी माता के दर्शन कर लौट रही दो मासूम चचेरी बहनों की केन नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान ग्राम टटम निवासी माया कुशवाहा और रोशनी कुशवाहा के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र और कुशवाहा परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टटम निवासी कुशवाहा परिवार अपनी बेटियों के साथ विन्ध्यवासिनी माता मंदिर में दर्शन करने गया था। श्रद्धा और उत्साह के साथ माता रानी के दर्शन करने के बाद, परिवार वापसी की राह पर था। लौटते समय रास्ते में पड़ने वाली केन नदी को देखकर दोनों बहनें वहाँ नहाने के लिए रुक गईं। परिजनों की मौजूदगी में ही दोनों बच्चियाँ नदी के पानी में उतरीं, लेकिन अचानक गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गईं और देखते ही देखते डूब गईं।
हैरानी और दुख की बात यह रही कि यह पूरी घटना परिवार के सदस्यों की आंखों के सामने घटी। अचानक हुए इस हादसे से घबराए परिजन जब तक कुछ समझ पाते या मदद के लिए पुकारते, दोनों बच्चियाँ पानी में समा चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही गोयरा पुलिस और लवकुशनगर एसडीओपी नीरज दुबे मौके पर पहुँचे। गोताखोरों की मदद से दोनों बालिकाओं के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एसडीओपी नीरज दुबे ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला डूबने का ही है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जाँच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर जल स्रोतों के पास बरती जाने वाली लापरवाही को उजागर किया है। अगर समय रहते बच्चियों को गहराई में जाने से रोका गया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। फिलहाल, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गाँव इस अप्रत्याशित क्षति से सदमे में है।
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