
सतना जिले के चित्रकूट वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चौबेपुर गांव में शनिवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ जंगल से भटककर रिहायशी इलाके में पहुँचे एक मादा सांभर के बच्चे को कुत्तों के झुंड ने अपना शिकार बना लिया। वार्ड नंबर 15 के एक गेहूं के खेत में कुत्तों ने सांभर को चारों ओर से घेरकर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों के करीब वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के 'थर पहाड़' के घने जंगलों से निकलकर एक छोटा सांभर प्यास या भोजन की तलाश में चौबेपुर गांव की ओर आ गया था। जैसे ही वह खेत में पहुँचा, वहाँ मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे देख लिया। कुत्तों ने सांभर के बच्चे को काफी दूर तक गेहूं के खेतों में दौड़ाया। बेबस वन्यजीव जब तक भाग पाता, कुत्तों ने उस पर घातक हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया।
खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की नजर जब इस शिकार पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत शोर मचाते हुए डंडे लेकर कुत्तों को भगाया। ग्रामीणों के प्रयास से कुत्ते तो भाग गए, लेकिन सांभर तब तक गंभीर रूप से घायल हो चुका था। ग्रामीणों ने फौरन वन विभाग को सूचना दी, मगर जब तक वन अमला मौके पर पहुँचा, सांभर ने दम तोड़ दिया था। ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि आए दिन वन्यजीव रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे न केवल जानवरों की जान को खतरा है, बल्कि इंसानों और मवेशियों पर भी हमले का डर बना रहता है।
चित्रकूट के रेंजर अभिषेक मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए हैं। सांभर के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया गया है। विभाग अब मृत सांभर का पोस्टमार्टम करवाकर नियमानुसार अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया में जुटा है। रेंजर ने कहा कि ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वन रक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहाड़ से सटे इलाकों में गश्त बढ़ाएं ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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