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मुरैना में चिटफंड घोटाला: 300 से अधिक लोगों के डेढ़ करोड़ से ज्यादा रुपये लेकर कंपनी फरार, एजेंट और निवेशक एसपी ऑफिस पहुंचे

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक और चिटफंड कंपनी सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार हो गई। एलजेसीसी नाम की इस कंपनी ने तीन साल में रकम दोगुनी करने और एफडी पर मोटा ब्याज देने का झांसा देकर करीब 300 से अधिक लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा जमा कराए। अब कंपनी दफ्तर बंद कर गायब हो चुकी है और पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

तीन साल में दोगुना करने का लालच

करीब पांच से छह साल पहले मुरैना में शुरू हुई इस कंपनी का दफ्तर वनखंडी रोड पर वनखंडी महादेव मंदिर के पास संचालित होता था। निवेशकों को तीन साल में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया गया। इसके अलावा छह-छह महीने की एफडी कराकर शुरुआत में मोटा ब्याज भी लौटाया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया।

लोगों को जोड़ने के लिए एजेंट बनाए गए, जिन्हें आकर्षक कमीशन दिया गया। इसी लालच में सैकड़ों लोगों ने अपनी जमा पूंजी कंपनी में निवेश कर दी।

2024 में पूरी होनी थी मियाद, उससे पहले कंपनी गायब

निवेशकों की रकम को साल 2024 में तीन साल पूरे होने थे और उन्हें दोगुनी राशि मिलने की उम्मीद थी। लेकिन समय से पहले ही कंपनी ने अपना दफ्तर बंद कर दिया और संचालक सहित पूरा स्टाफ फरार हो गया।

एजेंटों के मुताबिक कंपनी का मालिक समीर अग्रवाल बताया जाता है, लेकिन उसके बारे में ठोस जानकारी किसी के पास नहीं है। मुरैना में कंपनी का संचालन रामकुमार शर्मा उर्फ राजू सफर (निवासी भिंड) करता था, जो चंबल कॉलोनी में रह रहा था। कंपनी के मैनेजर भगवान सिंह कुशवाह, अरविंद सिंह कुशवाह, राजेश कुशवाह और अरविंद त्रिपाठी भी लापता बताए जा रहे हैं।

बिजली कंपनी का लाइनमैन भी बना एजेंट

काशीबाबा कॉलोनी निवासी प्रहलाद प्रजापति, जो बिजली कंपनी में प्राइवेट लाइनमैन है, खुद करीब एक लाख रुपये निवेश करने के बाद एजेंट बन गया। उसने लगभग 50 लोगों के करीब आठ लाख रुपये मासिक किस्तों में जमा करवाए। अब निवेशक उसी से पैसे की मांग कर रहे हैं।

100 लोगों के 90 लाख रुपये जमा करवाए

इसी तरह अजय राठौर ने एजेंट बनकर 100 से अधिक लोगों के लगभग 90 लाख रुपये जमा करवाए। अजय का कहना है कि जिन लोगों के पैसे जमा कराए थे, वे अब उससे ही वसूली कर रहे हैं। तनाव की स्थिति इतनी गंभीर है कि कई बार आत्महत्या जैसा विचार आने लगता है।

अन्य एजेंटों में भगवती प्रजापति, विनोद रामपुरी, सतीश शाक्य और मनीष प्रजापति सहित कई लोग शामिल हैं, जिन्होंने लाखों रुपये कंपनी में निवेश करवाए थे।

एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित

मामले में एक दर्जन से अधिक निवेशक और एजेंट पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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