जबलपुर। में हुए चर्चित क्रूज हादसे को लेकर जिला न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिससे इस घटना में संभावित लापरवाही और आपराधिक जिम्मेदारी की जांच सुनिश्चित की जा सके।
जेएमएफसी डी पी सूत्रकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स के आधार पर यह तथ्य सामने आया है कि क्रूज चालक द्वारा लापरवाहीपूर्वक संचालन किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी लापरवाही के चलते क्रूज डूबने की घटना हुई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य प्रभावित हुए।
न्यायालय ने अपने आदेश में विशेष रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि चालक, क्रूज की स्थिति और संभावित खतरे से परिचित होने के बावजूद यात्रियों को डूबता हुआ छोड़कर स्वयं सुरक्षित निकल गया। इतना ही नहीं, चालक द्वारा यात्रियों को बचाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है, जो कि एक गंभीर मानवीय और कानूनी लापरवाही मानी जा रही है।
अदालत ने इस कृत्य को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत जांच योग्य बताया है। न्यायालय का मानना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं में समय रहते एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई जा सकती है और लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
इसी के मद्देनजर न्यायालय ने बरगी थाना प्रभारी को निर्देशित किया है कि घटना के समय क्रूज पर मौजूद चालक और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज की जाए और इसकी सूचना न्यायालय को दी जाए।
साथ ही, न्यायालय ने अपने आदेश में उन लोगों की सराहना भी की है जिन्होंने हादसे के दौरान डूब रहे व्यक्तियों की जान बचाने के लिए साहसिक प्रयास किए।
यह आदेश न केवल इस विशेष मामले में न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक सख्त संदेश भी देता है कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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