
ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के मुरार थाना क्षेत्र स्थित आर्मी कैंट (एमएच चौराहा) में रहने वाले सेना के एक कर्नल की पत्नी ऑनलाइन साइबर ठगी (Cyber Fraud) का शिकार हो गई हैं। दिल्ली और आगरा की पारिवारिक यात्रा के लिए इंटरनेट पर होटल सर्च करते समय वे ठगों द्वारा बनाई गई एक हूबहू दिखने वाली फर्जी वेबसाइट के जाल में फंस गईं। खुद को फाइव स्टार होटल का मैनेजर बताने वाले एक जालसाज ने एडवांस बुकिंग के नाम पर उनसे ₹50,000 ट्रांसफर करा लिए और रकम मिलते ही अपना फोन बंद कर लिया।
'कोर्टयार्ड बाय मैरियट' जैसी फर्जी वेबसाइट का जाल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता जूही पाण्डेय अपने परिवार के साथ दिल्ली और आगरा घूमने की योजना बना रही थीं। इसी सिलसिले में उन्होंने गूगल पर रुकने के लिए नामी होटल्स की तलाश शुरू की। सर्चिंग के दौरान उन्हें मशहूर होटल चेन 'कोर्टयार्ड बाय मैरियट' (Courtyard by Marriott) के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट दिखाई दी, जिसे ठगों ने असली दिखाने के लिए काफी बारीकी से डिजाइन किया था। वेबसाइट पर दिए गए संपर्क नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम हरीश अग्रवाल बताया और खुद को होटल का मैनेजर पेश किया।
तीन किस्तों में ट्रांसफर कराए 50,000 कथित मैनेजर हरीश ने जूही पाण्डेय को झांसे में लेते हुए कहा कि दिल्ली और आगरा में 5 दिनों के स्टे (ठहरने) का कुल खर्च करीब 50,000 आएगा। उसने 'सीमित कमरे' होने का बहाना बनाकर तुरंत एडवांस पेमेंट करने का दबाव बनाया। उसकी बातों पर भरोसा करके पीड़िता ने अलग-अलग यूपीआई आईडी (UPI ID) पर तीन किस्तों में कुल ₹50,000 ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब उन्होंने बुकिंग कंफर्मेशन और रसीद मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा और कुछ ही देर बाद उसने पीड़िता का नंबर ब्लॉक कर दिया।
असली होटल से बात की, तो उड़ गए होश नंबर ब्लॉक होने और टालमटोल से परेशान होकर जब जूही पाण्डेय को संदेह हुआ, तो उन्होंने मैरियट होटल की आधिकारिक और सत्यापित (Official Verified) वेबसाइट से नंबर निकालकर सीधे होटल प्रबंधन से संपर्क किया। होटल की तरफ से जब उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर कोई भी रूम बुक नहीं हुआ है और जिस वेबसाइट व नंबर पर उन्होंने पैसे भेजे हैं वह पूरी तरह फर्जी है, तब जाकर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। यह घटना बीते 4 जुलाई की बताई जा रही है।
पुलिस और साइबर सेल ने शुरू की जांच ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद पीड़िता ने भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन नंबर '1930' पर शिकायत दर्ज कराई, ताकि उनके पैसे होल्ड किए जा सकें। इसके बाद उन्होंने मुरार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल अब उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल ठग ने पैसे ऐंठने के लिए किया था।
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