
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) में 2% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार आमतौर पर साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में DA संशोधित करती है। हालांकि इस बार अधिसूचना में देरी होने से कर्मचारियों में थोड़ा असंतोष था। लेकिन अब इस आधिकारिक घोषणा से बढ़ती महंगाई के बीच उनके वेतन में सम्मानजनक वृद्धि हुई है।
कैबिनेट के इस ताजा फैसले से पहले महंगाई भत्ते की दर मूल वेतन का 58% थी। अब इसमें 2% की वृद्धि के बाद कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी बढ़ जाएगी। त्योहारों के आसपास अक्सर ऐसी घोषणाएं की जाती हैं। इस बार भी सरकार ने कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। इससे न केवल कार्यरत कर्मचारी बल्कि पेंशनभोगियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
DA में बढ़ोतरी के साथ ही अब सभी की निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिक गई हैं। कर्मचारी संघों का दबाव है कि वेतन ढांचे (Pay Structure) में व्यापक बदलाव किए जाएं। राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर न्यूनतम मूल वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की है। इसके लिए फिटमेंट फैक्टर को 3.83 रखने का प्रस्ताव दिया गया है।
कर्मचारी संगठनों की मांगों में सालाना 6 प्रतिशत की वेतन वृद्धि और न्यूनतम 30 प्रतिशत HRA स्लैब शामिल है। इसके अलावा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर भी कर्मचारी मुखर हैं। प्रमोशन के समय कम से कम 10,000 रुपये के लाभ के साथ दो इंक्रीमेंट की मांग भी की गई है। यदि सरकार इन मांगों पर विचार करती है, तो यह सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।
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