
दमोह। जिले से जालसाजी और बैंकिंग धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ की हटा थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने एक सीधे-साधे किसान की करोड़ों की जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर बैंक से लाखों रुपए का लोन (Bank Loan) डकार लिया था। इस पूरे फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा बुधवार दोपहर हटा थाना प्रभारी (TI) सुधीर बेगी ने मीडिया के सामने किया।
लोक सेवा केंद्र से खसरा निकाला तो उड़े किसान के होश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुम्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम रसुईया निवासी 52 वर्षीय किसान गणेश यादव (पिता मान सिंह यादव) ने 10 अक्टूबर 2023 को हटा थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। गणेश यादव ने बताया कि उनके पास करीब साढ़े पांच हेक्टेयर कृषि भूमि है।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब गणेश ने किसी काम से पटेरा स्थित लोक सेवा केंद्र (Lok Seva Kendra) से अपनी जमीन का खसरा और बीमा की सत्यापित कॉपी निकलवाई। सरकारी रिकॉर्ड को देखते ही किसान के पैरों तले जमीन खिसक गई। खसरे में दर्ज था कि उनकी जमीन यूनियन बैंक शाखा हटा (Union Bank Hata) में बंधक (Mortgage) रखी हुई है और उस पर 9 सितंबर 2019 को 5 लाख 30 हजार रुपये का केसीसी लोन स्वीकृत कराया जा चुका है।
खुद को असली मालिक बताकर बैंक अधिकारियों को ठगा
किसान की शिकायत के बाद हरकत में आई हटा पुलिस ने जब बैंक के दस्तावेजों की पड़ताल की, तो पता चला कि एक अज्ञात जालसाज ने बैंक अधिकारियों के सामने खुद को 'गणेश यादव' के रूप में पेश किया था। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से किसान गणेश यादव के नाम के फर्जी पहचान पत्र, ऋण पुस्तिका और जमीन के जाली कागजात तैयार किए और बैंक से साठगांठ कर 5.30 लाख रुपए का कर्ज निकाल लिया।
जांच में 4 आरोपी नामजद, एक गिरफ्तार और अन्य की तलाश
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद हटा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तत्कालीन समय में जालसाजी, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की गंभीर धाराओं (IPC 419, 420, 467, 468, 471) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की थी।
थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि लंबी विवेचना और टेक्निकल इनपुट के आधार पर इस कृत्य में चार आरोपियों—अमर सिंह लोधी, अरविंद सिंह लोधी, भानू सिंह और कमलेश सिंह की संलिप्तता पूरी तरह सिद्ध पाई गई। पुलिस ने बुधवार को दबिश देकर मुख्य आरोपियों में से एक अमर सिंह लोधी को धर दबोचा। आरोपी को हटा न्यायालय में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है, ताकि लोन की राशि की रिकवरी और बैंक के अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाया जा सके। इसके अलावा पुलिस ने धोखाधड़ी से ट्रक बेचने वाले एक अन्य पुराने फरार वारंटी को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
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