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दमोह, कोतवाली TI पर शराब कारोबारी से मिलीभगत का आरोप, संगठन ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।


दमोह। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। 'भगवती मानव कल्याण संगठन' के कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर दमोह पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। संगठन का सीधा आरोप है कि कोतवाली थाना प्रभारी (TI) ने अवैध शराब का धंधा करने वाले ठेकेदारों के प्रभाव में आकर संगठन के एक निर्दोष कार्यकर्ता पर झूठी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। संगठन ने पुलिस प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्दोष व्यक्ति का नाम मामले से नहीं हटाया गया, तो वे जिले भर में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

क्या है पूरा मामला?

संगठन के संभाग अध्यक्ष सुजान सिंह ठाकुर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम अप्रैल महीने का है। उस समय कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गार्ड लाइन इलाके के पास संगठन के कुछ जागरूक कार्यकर्ताओं ने दो युवकों को अवैध रूप से शराब का परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कुछ हाथापाई भी हुई थी, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

शराब ठेकेदार के दबाव में झूठी FIR का आरोप

आरोप है कि जब संगठन के कार्यकर्ता पकड़े गए आरोपियों और अवैध शराब को लेकर कोतवाली थाने पहुंचे, तो वहाँ के थाना प्रभारी ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय शराब ठेकेदार के भारी दबाव में काम किया। पुलिस ने अवैध शराब ले जा रहे लोगों पर तो केस दर्ज किया ही, लेकिन साथ ही बदले की भावना से संगठन के कार्यकर्ताओं समेत एक स्थानीय फल व्यापारी और संगठन के सक्रिय सदस्य पन्नालाल राय के खिलाफ भी क्रॉस FIR दर्ज कर ली।

सीसीटीवी फुटेज में दुकान पर दिखे पन्नालाल, एसपी को सौंपे सबूत

सुजान सिंह ठाकुर और अन्य पदाधिकारियों का दावा है कि जिस समय गार्ड लाइन के पास विवाद और हाथापाई हो रही थी, उस समय पन्नालाल राय वहां मौजूद ही नहीं थे, बल्कि वे अपनी फल की दुकान पर व्यापार कर रहे थे। संगठन ने पन्नालाल राय की बेगुनाही के पुख्ता सबूत के तौर पर उनकी दुकान के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी निकाले हैं, जिसमें वे वारदात के समय दुकान पर साफ नजर आ रहे हैं। संगठन के सदस्यों ने यह वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य दमोह एसपी को सौंप दिए हैं।

कार्रवाई न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

संगठन के नेताओं का कहना है कि वे इस संबंध में पहले भी एसपी को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन निचले स्तर के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण अब तक निर्दोष कार्यकर्ता का नाम एफआईआर से नहीं हटाया गया है। यह दूसरी बार है जब संगठन को मजबूरन ज्ञापन सौंपना पड़ा है।

एसपी कार्यालय में ज्ञापन लेने पहुंची महिला पुलिस अधिकारी ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सौंपे गए सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। यदि पन्नालाल राय की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं पाई जाती है, तो नियमानुसार उनका नाम केस से पृथक कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कार्यकर्ता शांत हुए, लेकिन उन्होंने साफ किया कि जांच में देरी होने पर वे दमोह की सड़कों पर उतरेंगे।

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