
दमोह जिले में गुरुवार देर रात से शुरू होकर शुक्रवार सुबह तक अनवरत जारी रही करीब सात घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप कर दिया। शहर की सुभाष कॉलोनी, हिरदेपुर, सिद्धिविनायक कॉलोनी, वसुंधरा कॉलोनी, विवेकानंद नगर और मारुताल सहित दर्जनों रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। कई घरों में तीन फीट तक गंदा पानी घुस गया, वहीं सड़कों पर करीब चार फीट तक पानी जमा हो गया। हालात बेकाबू होते देख जिला प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस बल के साथ स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (SDERF) की टीम शुक्रवार सुबह 5 बजे से रेस्क्यू अभियान में जुट गई। पानी में घिरे सैकड़ों परिवारों को नावों के सहारे सुरक्षित निकालकर सामुदायिक भवनों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
ग्रामीण अंचल अंतर्गत धार्मिक स्थल बांदकपुर के दामादों मोहल्ला सहित कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण करीब 10 से अधिक कच्चे और पक्के मकान भरभराकर गिर गए। हादसे में बेघर हुए नाराज ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद में देरी का आरोप लगाते हुए बांदकपुर-कटनी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह लोधी और पटवारी आशीष साहू ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर स्थिति संभाली और शासन के नियमानुसार तत्काल क्षतिपूर्ति व राहत सहायता दिलाने का लिखित भरोसा देकर चक्काजाम समाप्त कराया।
बारिश के रौद्र रूप का असर परिवहन और शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया:
रेलवे फाटक मार्ग बाधित: गुंजी-बांदकपुर रेलवे फाटक मार्ग पर स्थित बरसाती नाला उफान पर आने और रेलवे अंडरब्रिज पूरी तरह डूब जाने से रेल प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोक दिया। यात्री घंटों वैकल्पिक रास्तों के फेर में फंसे रहे।
पीजी कॉलेज में जलभराव: शासकीय स्नातकोत्तर (पीजी) कॉलेज दमोह परिसर झील में तब्दील हो गया। पानी कॉलेज के प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर प्राचार्य कक्ष तक में भर गया, जिससे शासकीय दस्तावेज भी प्रभावित हुए।
स्कूलों में अवकाश: गंभीर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए दमोह कलेक्टर ने जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया।
हालात का जायजा लेने के लिए पूर्व वित्त मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक जयंत मलैया सुबह करीब 10 बजे सीधे प्रभावित क्षेत्र हिरदेपुर पहुंचे। गलियों में पानी भरा होने के कारण विधायक ने मोटरसाइकिल से भ्रमण कर जलभराव की स्थिति देखी और पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक मलैया ने नगर पालिका सीएमओ और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल जलनिकासी कराने, सुरक्षा के मद्देनजर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और प्रभावित परिवारों तक सूखा राशन व भोजन के पैकेट पहुंचाने के निर्देश दिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालों पर हुए अवैध कब्जों और जल निकासी के समुचित प्रबंध न होने के कारण हर मानसून में शहरवासियों को इस जल-प्रलय का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने और स्थायी ड्रेनेज मास्टरप्लान लागू करने की पुरजोर मांग की है।
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