
भोपाल। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री ने प्रदेश के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों (डीडीआरसी) को अधिक सुदृढ़ बनाने और उनकी सेवाओं का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों तक पुनर्वास सेवाओं की सुगम पहुंच विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रों में मानव संसाधन, गतिविधियों और कार्यों की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जा रही है, साथ ही सभी संस्थानों में सतत निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के.जी. तिवारी ने विभागीय प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सात जिलों उमरिया, पांढुर्णा, बुरहानपुर, मऊगंज, अलीराजपुर और बड़वानी सहित अन्य क्षेत्रों में नए वरिष्ठजन आश्रम प्रारंभ करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 89 वृद्धाश्रमों में 2,423 वरिष्ठ नागरिक रह रहे हैं। इसके अलावा, केंद्रीय अनुदान से संचालित 31 नशामुक्ति केंद्रों के अतिरिक्त देवास, शिवपुरी और श्योपुर में नए केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।

विभागीय योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 12,523 हितग्राहियों पर 68.87 करोड़ रुपये और निकाह योजना में 315 हितग्राहियों पर 1.73 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में 413 और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना में 700 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप एवं मोटराइज्ड ट्राइसिकल वितरण की राशि 35 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति हितग्राही कर दी गई है, जिसके आवेदन 31 अक्टूबर तक स्वीकार किए जाएंगे। वर्तमान में पेंशन योजनाओं के तहत 56.54 लाख से अधिक हितग्राहियों को प्रतिमाह लगभग 339.23 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की जा रही है।
Leave A Reviews