
बालाघाट जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। उकवा परियोजना क्षेत्र अंतर्गत नारंगी-खांडापार के बीच हिर्री बीट के कक्ष क्रमांक 1815 के घने जंगल में शिकारियों ने बिजली का तार बिछाकर 6 वर्षीय नर तेंदुए का शिकार कर लिया। वन विभाग को 22 अक्तूबर को इस घटना की जानकारी मिली। शिकारियों ने करंट से तेंदुए को मारने के बाद कुल्हाड़ी से उसके चारों पंजे काट दिए और खाल उधेड़कर पास के गड्ढे के पानी में छिपा दी थी। घटनास्थल पर करंट की चपेट में आने से एक सियार की भी मौत हुई थी। दोनों शव करीब चार से पांच दिन पुराने बताए गए हैं।
मामले की जांच करते हुए वन विभाग की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपी नारंगी गांव के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान रतन मेरावी, अनिल पंद्रे, शिवप्रसाद उइके, धीरसिंग मरकाम, सुनील उइके और हीरासिंग मरकाम के रूप में हुई है। टीम ने इनके कब्जे से तेंदुए की खाल, चारों कटे हुए पंजे और करंट प्रवाहित करने में इस्तेमाल किए गए बिजली के तार बरामद किए हैं। वन विभाग ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है।
क्षेत्र में निगरानी में घोर लापरवाही सामने आने पर वन विकास निगम लामता परियोजना के संभागीय प्रबंधक सुंदर निवेदन एम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी अजय कामड़े, उप रेंजर चुरन मड़ावी और बीटगार्ड अमर सिंह पंद्रे को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पिछले 10 दिनों के भीतर चार वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 15 अक्तूबर को बिरसा दमोह में गर्भवती मादा बायसन, 17 अक्तूबर को वारासिवनी में दो बायसन और 24 अक्तूबर को लालबर्रा में मादा तेंदुए के शावक का शव बरामद हुआ था।
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