
मैहर जिले अंतर्गत रामनगर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवरामोल्हाई से प्रशासनिक व ठेकेदारी लापरवाही का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां नए ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कार्य एक निर्दोष बच्चे के लिए काल बन गया। निर्माण स्थल पर पानी के लिए खोदे गए खुले और गहरे टैंक में डूबने से 6 वर्षीय मासूम शिवा महादेव दहिया (पिता भैयालाल दहिया) की दर्दनाक मौत हो गई।
इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं समूचे गांव में मातम के साथ-साथ जिम्मेदार ग्राम पंचायत व ठेकेदार के विरुद्ध भारी जन-आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माणाधीन भवन की कार्यकारी एजेंसी स्वयं ग्राम पंचायत ही है और निर्माण कार्य एक पेटी संविदाकार (ठेकेदार) के माध्यम से कराया जा रहा था। निर्माण स्थल पर पानी के भंडारण के लिए गहरा टैंक तो खुदवा दिया गया, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई:
खुला पड़ा था मौत का गड्ढा: टैंक को ऊपर से ढकने या जाली लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
घेराबंदी का अभाव: निर्माण स्थल के चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड (कॉशन बोर्ड) नहीं लगाया गया था, जबकि यह स्थल घनी बस्ती और बच्चों की पहुंच के बिल्कुल नजदीक है।

मृतक शिवा का घर निर्माण स्थल से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है। रविवार शाम जब बालक काफी देर तक घर में नहीं दिखा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों और पड़ोसियों ने आसपास के खेतों और गलियों में उसकी तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान जब परिजन निर्माणाधीन पंचायत भवन के पास पहुंचे, तो खुले टैंक के गंदे पानी में ऊपर से कुछ नजर नहीं आया। अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने जब एक लंबे डंडे से पानी के अंदर हिलोरा मारा, तो मासूम का निष्प्राण शव सतह पर ऊपर आ गया। यह खौफनाक मंजर देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
घटना की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम जमा हो गया। स्थानीय ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों, सचिव और ठेकेदार की आपराधिक लापरवाही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संविदाकार और निगरानी न करने वाले पंचायत अधिकारियों पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
पीड़ित गरीब परिवार को शासन के आपदा व संबल योजना के तहत त्वरित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
क्षेत्र के सभी निर्माणाधीन सार्वजनिक स्थलों पर बने खुले गड्ढों और टैंकों को फौरन ढकने के सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
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