
देवास जिले अंतर्गत हाटपीपल्या तहसील के ग्राम रोजड़ी में शुक्रवार को एक 55 वर्षीय किसान ने अदम्य साहस और हौसले की मिसाल पेश की। खेत में मवेशी चराते समय अचानक तेंदुए ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। सीने पर चढ़े तेंदुए से किसान करीब दो मिनट तक निहत्थे जूझते रहे और आखिरकार उसे धक्का देकर भागने पर मजबूर कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल किसान को उपचार के लिए जिला अस्पताल देवास में भर्ती कराया गया है।
सीने पर बैठ गया तेंदुआ, 2 मिनट तक चला संघर्ष
जानकारी के अनुसार, ग्राम रोजड़ी निवासी अचपाल सिंह (55) अपने खेत में मवेशियों की देखरेख कर रहे थे, तभी झाड़ियों से निकले एक आदमखोर तेंदुए ने उन पर छलांग लगा दी। तेंदुए ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और सीधे उनके सीने पर चढ़ बैठा। तेंदुए ने अपने नुकीले दांतों से अचपाल सिंह की छाती और पंजों से हाथ व कंधे को बुरी तरह नोच डाला।
मौत को सामने देख अचपाल सिंह ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने करीब दो मिनट तक तेंदुए के दोनों पंजों और जबड़े का मुकाबला किया और अंततः अपनी पूरी शारीरिक ताकत लगाकर तेंदुए को पीछे की ओर धकेल दिया। किसान के अप्रत्याशित विरोध से घबराकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, हालत स्थिर
किसान के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर दौड़े। गंभीर रूप से लहुलुहान अचपाल सिंह को ग्रामीण पहले बाइक से गांव लेकर आए, जिसके बाद तुरंत निजी वाहन से उन्हें देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कर लिया है। चिकित्सकों के अनुसार, उनके सीने, हाथ और कंधे पर गहरे घाव हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।
इलाके में तेंदुए की दहशत, वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग
रोजड़ी और आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए की आमद लगातार बढ़ रही है। करीब एक-दो महीने पहले भी इसी क्षेत्र में तेंदुए ने एक अन्य व्यक्ति पर हमला कर घायल कर दिया था। लगातार हो रहे हमलों से किसानों और मवेशी पालकों में भारी दहशत का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत गश्त बढ़ाई जाए और पिंजरा लगाकर तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
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