धार। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। देश भर के 10 प्रमुख शहरों को 'सेफ सिटीज' परियोजना के अंतर्गत चुना गया है, जिसमें मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी धार को स्थान मिला है। यह जिला प्रशासन और प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शत-प्रतिशत वित्त पोषित किया जाएगा, जिसके तहत धार जिले के विकास और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें एक भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है।
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए देश में वर्ष 2013 में 'निर्भया फंड' की स्थापना की गई थी, जिसके बाद 2015 में 'स्मार्ट सिटी मिशन' के जरिए शहरी विकास को नई दिशा मिली। इसी कड़ी में धार जिले में 'सेफ सिटी' परियोजना को न्यूनतम 05 वर्षों के लिए क्रियान्वित किया जाएगा। इस योजना के तहत बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए जाएंगे। शहर के अंधेरे और सुनसान रास्तों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था (Street Lighting) सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, शहर के संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा, जिससे आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महिलाओं के लिए सार्वजनिक सुविधाओं को सुलभ बनाना है। इसके अंतर्गत धार शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर 'पिंक टॉयलेट' का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं एवं उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए विशेष वेटिंग एरिया तैयार किए जाएंगे। धार की वैश्विक पहचान एक पर्यटन नगरी के रूप में है, इसलिए यहां आने वाली महिला पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन स्थलों पर विशेष बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन प्रयासों से धार की छवि एक सुरक्षित और सुलभ पर्यटन केंद्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।
भौतिक विकास के साथ-साथ यह योजना महिलाओं के मानसिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर भी समान रूप से केंद्रित है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में विभिन्न आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों का बड़े पैमाने पर संचालन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है, बल्कि समाज में महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना भी है। विभाग ने परियोजना के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी वर्षों में धार जिला महिला सुरक्षा के मानकों पर एक राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।
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