
मुंबई/प्रयागराज. ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर-2' ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद की यादें ताजा कर दी हैं. फिल्म में मुख्य किरदार 'आतिफ अहमद' का चित्रण हूबहू अतीक अहमद जैसा है, जिससे यह बहस छिड़ गई है कि फिल्म में दिखाए गए दृश्य हकीकत हैं या महज फिल्मी प्रोपेगैंडा.
फिल्म के दावे बनाम यूपी पुलिस की चार्जशीट
फिल्म में आतिफ अहमद के जरिए कई गंभीर आरोप दिखाए गए हैं, जिनकी तुलना अतीक अहमद मामले में दाखिल पुलिस चार्जशीट और जांच रिपोर्ट से की जा रही है:
ISI और लश्कर कनेक्शन: फिल्म में दिखाया गया है कि आतिफ के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे.
हकीकत: अतीक अहमद ने पुलिस पूछताछ में खुद स्वीकार किया था कि उसके संबंध ISI और लश्कर से थे और वह ड्रोन के जरिए सीमा पार से आने वाले हथियारों की सप्लाई लेता था.
फेक करेंसी और नोटबंदी: फिल्म की कहानी नोटबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर जाली भारतीय मुद्रा (FICN) के कारोबार और अंडरवर्ल्ड के दखल को उजागर करती है.
हकीकत: अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज मुकदमों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बेनामी संपत्तियों और हवाला कारोबार के कई सबूत सामने आए हैं, जो फिल्म के दावों को मजबूती देते हैं.
चकिया से साम्राज्य का अंत: फिल्म की शुरुआत प्रयागराज के चकिया इलाके और अतीक के सिग्नेचर 'सफेद कुर्ता-साफा' लुक से होती है, जो दर्शकों को सीधे 15 अप्रैल 2023 की उस रात की याद दिलाता है जब पुलिस घेरे में अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी.
तुलनात्मक विश्लेषण: रील vs रियल
| फिल्म 'धुरंधर-2' (आतिफ) | वास्तविक जीवन (अतीक अहमद) |
| विदेशी हथियारों की तस्करी और ISI से संपर्क। | पुलिस रिमांड नोट में विदेशी हथियारों और ISI कनेक्शन का जिक्र। |
| जाली नोटों (Fake Currency) का सिंडिकेट। | आर्थिक अपराध और हवाला नेटवर्क की ED द्वारा जांच। |
| राजनीतिक रसूख और माफिया राज। | 5 बार विधायक और एक बार सांसद रहने का रिकॉर्ड। |
हालांकि फिल्म में डिस्क्लेमर दिया गया है कि यह काल्पनिक है, लेकिन पटकथा के तार अतीक अहमद की 500 पन्नों से अधिक की चार्जशीट से गहराई से जुड़े नजर आते हैं.
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