
गुना जिले में स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ऋषि कुमार शर्मा को पद का दुरुपयोग, गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ग्वालियर संभाग के आयुक्त मनोज खत्री ने कलेक्टर द्वारा भेजी गई विस्तृत जाँच रिपोर्ट और शिकायतों के आधार पर यह कड़ा फैसला लिया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिला पंचायत CEO अभिषेक दुबे ने इस मामले में 6 मार्च को ठोस प्रस्ताव भेजा था। इससे पहले 26 अगस्त 2025 को कलेक्टर ने भी इन अनियमितताओं पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी। जाँच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिले की 47 शालाओं के निर्माण कार्यों के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद, चयनात्मक तरीके से केवल 16 स्कूलों को ही भुगतान किया गया। निर्माण कार्यों की दूसरी किस्त को लगभग 16 महीनों तक बिना किसी ठोस कारण के रोके रखा गया, जिससे सरकारी परियोजनाओं की प्रगति बाधित हुई।
निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि डीपीसी ऋषि शर्मा ने प्रशासनिक नियमों की अनदेखी करते हुए कई स्थानांतरण और आदेश जारी किए। इसके अलावा, फील्ड निरीक्षण में भारी लापरवाही पाई गई; वे बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से लंबे समय तक अनुपस्थित रहते थे। नियमित रूप से स्कूलों और निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण न करने के कारण विभाग की निगरानी व्यवस्था कमजोर हुई, जिसका सीधा असर जिले की शिक्षा रैंकिंग और छवि पर पड़ा।
संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत की गई है। निलंबन की इस अवधि में ऋषि शर्मा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, गुना नियत किया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से विभाग के अन्य लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
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