
भोपाल में स्थित जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (JGFPPL) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिकंजा कस दिया है। ईडी के भोपाल जोनल ऑफिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी और इसके मैनेजिंग डायरेक्टर किशन मोदी की 20.59 करोड़ रुपये मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से (Provisionally) अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण और अवैध निर्यात से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में की गई है।
'मिल्क मैजिक' ब्रांड के संचालक किशन मोदी को ईडी ने 13 मार्च 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें 18 मार्च तक ईडी की रिमांड पर भेजा था। बुधवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर आरोपी को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि किशन मोदी की कंपनी 'मिल्क मैजिक' ब्रांड के तहत दुग्ध वसा (Milk Fat) की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर रही थी।
फर्जी रिपोर्ट का सहारा: कंपनी ने नामी प्रयोगशालाओं की जाली (Forged) टेस्ट रिपोर्ट तैयार की और उन्हें एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसी (EIA) में जमा कर निर्यात की मंजूरी हासिल की।
वैश्विक धोखाधड़ी: इन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर बहरीन, हांगकांग, सिंगापुर, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों में घटिया और मिलावटी उत्पाद भेजे गए।
अपराध की कमाई: ईडी ने पाया कि इन जाली रिपोर्टों के जरिए किए गए निर्यात से कंपनी के बैंक खातों में लगभग 20.59 करोड़ रुपये आए, जिन्हें एजेंसी ने 'Proceeds of Crime' (अपराध की कमाई) माना है।
इस बड़े घोटाले की नींव अगस्त 2023 में भोपाल के हबीबगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) और जुलाई 2024 में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज मामले से पड़ी थी। ईडी ने इन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की, जिसमें अब तक करोड़ों की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से उन मिलावटखोरों को सख्त संदेश गया है जो उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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