
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बिजली विभाग की लापरवाही और तकनीकी खराबी ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। अलीगंज और क्योलड़िया थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में एक हाईस्कूल के छात्र और एक दिव्यांग युवक समेत कुल तीन लोगों की करंट लगने से मौत हो गई। इन हादसों के बाद संबंधित गांवों में मातम छाया हुआ है और ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी रोष है।
दरवाजा खोलते ही मौत ने दी दस्तक पहली घटना अलीगंज के सूदनपुर गांव की है, जहां सुबह करीब सात बजे अचानक ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर नीचे से गुजर रही एलटी लाइन पर गिर गया। इसके चलते पूरे इलाके के घरों में 11,000 वोल्ट का करंट दौड़ गया। कक्षा 10 का छात्र सुभाष (16) जैसे ही अपने घर का लोहे का गेट खोलने पहुँचा, वह करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसे बचाने की कोशिश में उसकी माँ सुनीता भी गंभीर रूप से झुलस गईं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले 24 वर्षीय दिव्यांग कुंवरपाल की भी करंट लगने से जान चली गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घर के बाहर खड़े एक ई-रिक्शा में भी आग लग गई।
मुआवजे और नौकरी का आश्वासन घटना की सूचना पर पहुँचे बिजली विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा, घायल महिला के इलाज का खर्च और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना: कपड़े सुखाते समय हादसा वहीं, क्योलड़िया के अंबरपुर गांव में एक अन्य हादसे में 22 वर्षीय रंजीत की जान चली गई। रंजीत घर के आंगन में लोहे के तार पर कपड़े सुखा रहा था, तभी अचानक उसमें करंट आ गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रंजीत की शादी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था, उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
Leave A Reviews