
तुमकुर: कर्नाटक के तुमकुर जिले में एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) यानी बर्ड फ्लू के प्रकोप ने प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। जिले में रहस्यमयी परिस्थितियों में करीब 40 मोरों की मौत के बाद जब नमूनों की जांच की गई, तो उनमें घातक H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर के दायरे को 'कंटेनमेंट जोन' घोषित कर दिया है और बाहरी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और निगरानी तुमकुर की उपायुक्त सुब्हा कल्याण ने बताया कि हाल ही में जंगली पक्षियों, विशेषकर मोरों की मौत की खबरें मिली थीं। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाके में स्थित 31 पोल्ट्री दुकानों और लगभग 10 फार्मों की पहचान की है, जहां पक्षियों के स्वास्थ्य की लगातार जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर हाल ही में मृत अन्य पक्षियों के सैंपल भी प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से पैनिक न करने की अपील की है, लेकिन सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। उपायुक्त ने सलाह दी है कि लोग केवल अच्छी तरह पका हुआ और उबला हुआ मांस ही खाएं। जानकारों का कहना है कि ऊंचे तापमान पर वायरस निष्क्रिय हो जाता है, इसलिए अधपके मांस के सेवन से बचना बेहद जरूरी है।
इंसानों के लिए कितना खतरनाक है H5N1? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, H5N1 वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को अपना शिकार बनाता है, लेकिन यह इंसानों में फैलने की क्षमता भी रखता है। हालांकि इंसानों में संक्रमण के मामले दुर्लभ हैं, लेकिन यदि ऐसा होता है तो यह बेहद गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है। 2020 के बाद से इस वायरस ने एशिया, यूरोप और अफ्रीका में भारी तबाही मचाई है।
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी बर्ड फ्लू का कहर देखा गया था, जहां एक सरकारी फार्म में हजारों मुर्गियों की मौत हो गई थी। तुमकुर की घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों और पोल्ट्री उद्योग के लिए बड़े खतरे की घंटी बजा दी है।
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