
अमृतसर. पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर ने सोमवार को मंडी गोबिंदगढ़ में आत्मसमर्पण कर पुलिस के हवाले किया गया। सूत्रों के अनुसार, भुल्लर को अब अमृतसर ले जाया जा रहा है।
भुल्लर ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि अफवाहें फैल रही हैं कि वह भाग गया है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा, “मैं देश के कानून और न्याय व्यवस्था में विश्वास रखता हूँ और कभी सच से नहीं भागूंगा। मैं अपने पंजाब में ही आत्मसमर्पण कर रहा हूँ।”
इस मामले में पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया था।
रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने अपने और अपने तीन बच्चों की सुरक्षा की मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया कि भुल्लर लगातार रंधावा पर टेंडर पास कराने के लिए दबाव डाल रहे थे। 13 मार्च को उन्हें बुलाकर पीटा गया, धमकियां दी गईं और जबरन वीडियो बनवाया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने जहर निगलकर अपनी जान दे दी।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खत्म करने और गैंगस्टरों से हमला कराने की धमकियां दी जा रही थीं। घटना से पहले रंधावा ने कुछ परिचितों को एक वीडियो भेजा था, जिसमें दबाव और उत्पीड़न का जिक्र था। पुलिस ने इस वीडियो को गहन जांच में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पूरे पंजाब में कानून सभी के लिए समान है। यदि किसी ने गलत किया है या किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने मुख्य सचिव को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
मान ने स्पष्ट किया कि किसी को भी बचाना पार्टी का एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर पंजाब में कोई कानून तोड़ता है, चाहे वह किसी पद पर हो, रिश्तेदार हो या प्रभावशाली व्यक्ति, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच जारी है। रंधावा अमृतसर और तरनतारन जिलों से जुड़े वेयरहाउस कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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