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दाहोद. गुजरात के दाहोद जिले के लिमखेड़ा इलाके में एक कार से ढाई करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाबी नकदी बरामद की गई है। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान यह सफलता हासिल की। फिलहाल, पुलिस ने पूरी रकम जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, लिमखेड़ा में धनपुर चौकड़ी के पास नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने एक अर्टिगा कार को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान पुलिस टीम को कार में रखे तीन संदिग्ध पार्सल मिले। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पार्सलों को खोला गया, जिसमें नोटों के बंडल रखे हुए थे।
नोटों की गिनती भी अधिकारियों के सामने की गई। इस दौरान पता चला कि यह बरामदगी 2,56,80,500 रुपए की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह रकम दाहोद की एक अंगड़िया फर्म से वडोदरा ले जाई जा रही थी। कार चालक की पहचान राजूभाई निनामा के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान वह इतनी बड़ी रकम से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या कानूनी प्रमाण पेश नहीं कर सका।
ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि दाहोद निवासी भरत चोपड़ा ने उसे यह रकम वडोदरा पहुंचाने के लिए दी थी।
लिमखेड़ा पुलिस ने बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत पूरी नकदी जब्त कर उसे सरकारी ट्रेजरी में जमा करा दिया है। साथ ही स्टेशन डायरी में मामला दर्ज कर इसकी जानकारी आधिकारिक रूप से आयकर विभाग को भी दे दी गई है। पुलिस अभी नकदी के स्रोत, उसके उपयोग और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
बता दें कि पिछले हफ्ते गुजरात में 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में सब-रजिस्ट्रार समेत चार लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। गुजरात की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अनुसार, शिकायतकर्ता एक आवासीय संपत्ति के दस्तावेज के पंजीकरण के लिए कार्यालय गया था।
प्रक्रिया के दौरान सब-रजिस्ट्रार आकाश देसाई ने शुरू में कुछ आपत्तियां उठाईं। इसके बाद, कार्यालय के संविदा कर्मचारियों ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरा करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। रिश्वत देने से मना करते हुए शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया था।
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