
कुवैत सिटी. मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष ने अब दुनिया की 'लाइफलाइन' कहे जाने वाले तेल भंडारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. शुक्रवार सुबह कुवैत की मीना अल-अहमदी (Mina Al-Ahmadi) रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला हुआ, जिससे रिफाइनरी की कई महत्वपूर्ण यूनिट्स आग की लपटों में घिर गईं. कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए प्लांट के बड़े हिस्से को एहतियातन बंद कर दिया है.
हमले के बाद के हालात: मुख्य अपडेट्स
रिफाइनरी में आग: ड्रोन हमलों के सीधे प्रहार से रिफाइनरी के प्रोसेसिंग प्लांट में आग लग गई. गनीमत रही कि इस हादसे में अभी तक किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है.
आपातकालीन कार्रवाई: KPC की फायर फाइटिंग टीमें और सुरक्षा मानक इकाइयां (Safety Standards Units) आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं.
सप्लाई पर असर: सुरक्षा कारणों से रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को शटडाउन कर दिया गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) पर दबाव बढ़ सकता है.
क्षेत्र में 'चेन रिएक्शन' की शुरुआत
कुवैत पर यह हमला उस समय हुआ है जब इस क्षेत्र में हमलों की एक श्रृंखला चल रही है:
बुधवार रात: इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया.
जवाबी कार्रवाई: ईरान ने कतर के रास लफान गैस प्रतिष्ठानों पर हमला किया.
गुरुवार: ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल ने इजराइल की हाइफा रिफाइनरी को दहलाया.
शुक्रवार सुबह: अब कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है.
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