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गुप्त नवरात्रि पर मृत्युंजय मंदिर पहुंची अदा शर्मा, वैदिक छात्रों संग किया महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का पाठ

हरिद्वार, 24 जनवरी (आईएएनएस)। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर अभिनेत्री अदा शर्मा हरिद्वार के कनखल स्थित श्री महा मृत्युंजय मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के श्री हरिहर आश्रम में संचालित वैदिक पाठशाला के छात्रों के साथ मिलकर महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया।

हरिद्वार, 24 जनवरी (आईएएनएस)। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर अभिनेत्री अदा शर्मा हरिद्वार के कनखल स्थित श्री महा मृत्युंजय मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के श्री हरिहर आश्रम में संचालित वैदिक पाठशाला के छात्रों के साथ मिलकर महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया।

अदा शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस खास पल का सुंदर वीडियो पोस्ट किया। कैप्शन में उन्होंने लिखा, “गुप्त नवरात्रि पर मृत्युंजय मंदिर कनखल में वैदिक छात्रों के साथ महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का पाठ किया।” वीडियो में अभिनेत्री एनर्जी से भरपूर छात्रों के साथ पाठ का गान करती नजर आईं।

अदा शर्मा अक्सर मंदिर और पूजा-पाठ से जुड़ी जानकारी प्रशंसकों के साथ शेयर करती रहती हैं। इससे पहले उन्होंने गुप्त नवरात्रि के महत्व को बहुत सरल और स्पष्ट शब्दों में समझाया और यह भी बताया कि गुप्त नवरात्रि कोई गरबा, डांडिया या शोर-शराबे वाला त्योहार नहीं यह शांति, तप, आंतरिक साधना और भक्ति का पर्व है।

इसके साथ ही अदा ने गुप्त नवरात्रि मनाने के पीछे की कथा भी सुनाई। उन्होंने बताया कि असुरों और अहंकार का बोलबाला बढ़ने पर देवताओं ने महादेव से सहायता मांगी। शिवजी ने मां पार्वती ने कहा कि वह अपनी शक्ति को गुप्त रूप में जागृत करें, जिसे सिर्फ सच्चे भक्त ही महसूस कर सकेंगे। अदा ने आगे बताया कि मां ने इस दौरान दस महाविद्याओं के गुप्त ज्ञान से धीरे-धीरे अंधेरे को मिटाया और असुर कमजोर पड़ने लगे, क्योंकि उनके पास तप और श्रद्धा की कमी थी। कार्य पूरा होने पर मां ने कहा कि जो शोर में मुझे ढूंढता है, उसे मैं कम मिलती हूं, जबकि जो शांति और भक्ति से मुझे ढूंढता है, उसे मैं पूरी तरह मिलती हूं। इसलिए गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है।

श्री महा मृत्युंजय मंदिर हरिद्वार के भागीरथी नगर में स्थित है। यह भगवान शिव को समर्पित प्रमुख मंदिर है, जो हर की पौड़ी से करीब 5 किलोमीटर दूर और कनखल के मुख्य क्षेत्र में आसानी से पहुंच योग्य है। स्वामी अवधेशानंद गिरि जी का हरिहर आश्रम गंगा तट पर स्थित है और जूना अखाड़े की आचार्यपीठ के रूप में प्रसिद्ध है।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

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