
ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां पढ़ाई कर रही तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा को घर बैठे पार्ट-टाइम काम दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस सहित अलग-अलग बहाने बनाकर छात्रा से 13 बार ऑनलाइन भुगतान कराया। जब छात्रा को न नौकरी मिली और न ही उसकी रकम वापस हुई, तो उसने पुलिस से शिकायत की। मामले में सिरोल थाना पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, तंजानिया की रहने वाली हेरियथ जस्टीना ग्वालियर के एक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई कर रही हैं। वह अपने भाई के साथ सिरोल थाना क्षेत्र की एमके सिटी टाउनशिप में रहती हैं। पढ़ाई और अन्य खर्चों में सहयोग के लिए वह इंटरनेट पर पार्ट-टाइम नौकरी की तलाश कर रही थीं।
इसी दौरान 15 अक्टूबर को उन्हें घर बैठे काम करने और अच्छी कमाई का अवसर देने वाला एक संदेश मिला। ऑफर में पार्ट-टाइम काम के जरिए मुनाफा कमाने की बात कही गई थी। छात्रा ने इसे नौकरी का वास्तविक अवसर समझा और संबंधित लोगों से बातचीत शुरू कर दी। शुरुआती बातचीत के बाद आरोपियों ने नौकरी की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे पैसे मांगने शुरू कर दिए।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने छात्रा को अलग-अलग प्रक्रियाओं का हवाला देकर भुगतान करने के लिए कहा। कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर, तो कभी फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस के बहाने रकम मांगी गई। नौकरी मिलने की उम्मीद में छात्रा ने आरोपियों की बातों पर भरोसा किया और भुगतान करती चली गईं।
15 और 16 अक्टूबर 2026 के दौरान छात्रा ने Paytm UPI के माध्यम से कुल 13 ट्रांजैक्शन किए। इन सभी भुगतानों में उनके करीब 50 हजार रुपये चले गए। रकम भेजने के बाद भी नौकरी शुरू नहीं हुई। इसके बावजूद आरोपियों की ओर से अतिरिक्त पैसे मांगे जाने की बात सामने आई है।
जब छात्रा को समझ आया कि नौकरी के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी हो सकती है, तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की। आरोप है कि इसके बाद संबंधित लोगों ने उनसे संपर्क बंद कर दिया और उन्हें ब्लॉक कर दिया। न तो नौकरी उपलब्ध कराई गई और न ही ट्रांसफर की गई रकम लौटाई गई।
इसके बाद छात्रा ने साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मामला पुलिस तक पहुंचा और सिरोल थाने में ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसमें छात्रा के Paytm UPI ट्रांजैक्शन, आरोपियों के साथ हुई बातचीत और पैसे प्राप्त करने वाले बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के जरिए भुगतान प्राप्त करने वाले खाताधारकों की पहचान करने और कथित ठगी में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
डीएसपी साइबर मनीष यादव के मुताबिक, पीड़िता ने हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। इसके बाद सिरोल थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है।
यह घटना ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी की तलाश करने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। साइबर ठगी करने वाले लोग अक्सर आकर्षक कमाई, घर बैठे काम और आसान नौकरी का लालच देकर रजिस्ट्रेशन या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। ऐसे ऑफर मिलने पर कंपनी की प्रामाणिकता और नौकरी से जुड़ी जानकारी की जांच करना जरूरी है।
किसी अनजान व्यक्ति या संस्था को नौकरी दिलाने के नाम पर बिना सत्यापन के पैसे भेजने से बचना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे जल्द से जल्द साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए और भुगतान से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए।
फिलहाल ग्वालियर पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान, रकम प्राप्त करने वाले खातों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
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