Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे के घायलों से मिलने पहुँचे मोहन यादव, CM की गाड़ी के आगे लेटी महिला


ग्वालियर स्थित सांतऊ शीतला माता मंदिर में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में भारी गहमागहमी और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे पीड़ित परिजनों और स्थानीय लोगों को सुरक्षा कारणों से मिलने से रोक दिया गया, जिससे एक महिला का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज महिला सीधे मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ी के आगे लेट गई। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सड़क से हटाया, जिसके बाद सीएम का काफिला वहां से रवाना हुआ।

अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दर्दनाक घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। प्रशासन पूरी गहनता से तहकीकात कर रहा है कि सुरक्षा में कहां चूक हुई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को उच्च स्तरीय और बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। इस दौरान प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट और स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाहा भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।

नो-एंट्री में घुसे ट्रक से हुआ था हादसा, 15 की जान गई और 42 घायल; 9 पुलिसकर्मी निलंबित

यह दर्दनाक हादसा ग्वालियर के आंतरी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सांतऊ के शीतला माता मंदिर परिसर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुआ था। नवरात्रि मेले के चलते लागू 'नो-एंट्री' नियमों को तोड़ते हुए एक अनियंत्रित और ओवरलोड ट्रक मंदिर मार्ग में घुस गया और सीधे मंदिर की दीवार से जा टकराया। दीवार और ट्रक की चपेट में आने से बच्चों और महिलाओं समेत 15 श्रद्धालुओं की मौके व उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि 42 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित क्षेत्र में तैनात 9 पुलिस अधिकारियों व जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है ताकि नो-एंट्री पॉइंट पर हुई लापरवाही के जिम्मेदार अफसरों और ट्रक मालिक के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जा सकें।

मुरैना में एक ही चिता पर जले दो मासूम भाई और चाचा, पूरे गांव में पसरा मातम

हादसे ने कई परिवारों को जीवन भर का असहनीय दर्द दिया है। ग्वालियर के गदाईपुरा में निवासरत त्यागी परिवार के दो सगे भाइयों—अमन (15) और लव (13)—की उनके चाचा अशोक त्यागी के साथ इस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। तीनों शनिवार रात मां शीतला के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर पहुंचे थे। रविवार देर शाम मुरैना जिले के जौरा स्थित उनके पैतृक गांव हार गांगोली में तीनों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही आंगन से तीन अर्थियां उठते देख पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।

परिजनों के अनुसार, पिता विद्याराम त्यागी ने 12 वर्षों तक कठिन मन्नतें और मंदिरों की परिक्रमा की थी, जिसके बाद उनके घर अमन और लव का जन्म हुआ था। काल के क्रूर प्रहार ने एक ही पल में परिवार का सहारा छीन लिया। इसके अलावा थाटीपुर के गल्ला कोठार, श्योपुर, शिवपुरी और बड़ागांव में भी मृतकों को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।

हादसे के बाद नो-एंट्री पर कड़ा पहरा, प्रशासन की देरी पर उठे गंभीर सवाल

भीषण त्रासदी के बाद अब पुलिस और प्रशासन ने मंदिर जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है। नो-एंट्री पॉइंट्स पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अष्टमी और नवमी के पर्व पर मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, हालांकि आम दिनों के मुकाबले श्रद्धालुओं की संख्या में खासी कमी देखी जा रही है।

इधर, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर भारी रोष है कि प्रशासन ने यह मुस्तैदी और सख्ती पहले क्यों नहीं दिखाई। यदि शनिवार रात को ही नो-एंट्री नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाता, तो 15 बेकसूर श्रद्धालुओं को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।

Date & Time : 2026-10-19 12:02:18

Share:

Leave A Reviews

Related News