
रामनगर। नगर के मुख्य मार्ग पर लाखों रुपये की लागत से लगाई गई तिरंगा लाइटें उद्घाटन के साथ ही शोपीस बनकर रह गई हैं। इन दो तस्वीरों में हकीकत साफ दिख रही है - कहीं पूरी लाइट जगमगा रही है तो कहीं दो पोलों की तिरंगा स्ट्रिप पूरी तरह फ्यूज पड़ी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य सड़क पर लगभग 42 तिरंगा लाइटें लगाई गई थीं, जिनका बड़े जोर-शोर से उद्घाटन किया गया था। ठेकेदार ने दावा किया था कि ये हाईटेक, ऑटोमेटिक और वर्षों तक चलने वाली लाइटें हैं जो रात में नगर की खूबसूरती बढ़ाएंगी। लेकिन हकीकत ये है कि उद्घाटन के दूसरे दिन से ही दो लाइटों की तिरंगा पट्टी बंद है। किसी में सिर्फ ऊपर का फोकस जल रहा है तो किसी में पूरा पोल अंधेरे में है।
महीनों बीत जाने के बाद भी नगर परिषद और संबंधित ठेकेदार ने सुध नहीं ली। न मरम्मत हुई, न कोई टेक्नीशियन मौके पर पहुंचा।

नागरिकों का कहना है कि नगर के सौंदर्यीकरण के नाम पर सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। जुगाड़ टेक्नोलॉजी से तारों को जोड़कर-टेप लगाकर काम चलाया जा रहा है। शाम होते ही मुख्य मार्ग की अन्य स्ट्रीट पोलों की तिरंगा लाइटें तो जलती हैं लेकिन दो की स्ट्रिप पूरी तरह फ्यूज दिख रही है, जिससे मुख्य मार्ग पर अंधेरा पसरा रहता है।
आम जनता व नगर के व्यापारियों ने मांग की है कि गारंटी अवधि के भीतर बंद पड़ी दोनों तिरंगा लाइटों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू किया जाए।
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