मुंबई, 4 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती तो एक मात्र विकल्प कोर्ट जाना है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर उत्तराखंड सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
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मुंबई, 4 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती तो एक मात्र विकल्प कोर्ट जाना है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर उत्तराखंड सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक बैठक की थी। उसके बाद 10 अगस्त को वहां एक शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन कोई एफआईआर या गिरफ्तारी नहीं हुई। अगर हाईकोर्ट नहीं जाएंगे, तो और कहां जाएंगे?" अगर लोकल स्तर पर सरकार नहीं सुनेगी तो व्यक्ति कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र है।
उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि उत्तराखंड सरकार को मामले की गंभीरता देखते हुए उचित न्याय कर देना चाहिए।
आरएसएस से जुड़े फंड को लेने से 90 अमेरिकी नेताओं के इनकार करने पर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "कोई बात नहीं, अगर अमेरिकी नेताओं ने आरएसएस से फंड लेने से इनकार किया है तो हम इस पर क्या कह सकते हैं? फंड आरएसएस का है। अमेरिकी लोगों ने ही इसे लेने से इनकार किया है। हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। हम हर मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते। हम बस इतना चाहते हैं कि अगर भारत से कोई प्रतिनिधिमंडल, नेता या कोई राजनीतिक नेता विदेश गया है तो उनका सम्मान किया जाना चाहिए। अगर आप उनका सम्मान नहीं कर सकते तो आपको उनका अपमान भी नहीं करना चाहिए। हमें लगता है कि इस मुद्दे पर बहुत ज्यादा राजनीति हो रही है, जो नहीं होनी चाहिए। किसे पैसे लेने हैं और किसे नहीं, इस पर वे आपस में सहमति बना सकते हैं।"
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण बेहतर तरीके से हो जाना चाहिए। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों में गलत तरीके से नाम कट रहे हैं। महाराष्ट्र में दो करोड़ से ज्यादा नाम कट गए हैं, उन नामों को वापस जोड़ा जाना चाहिए।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के यूक्रेन दौरे को लेकर आनंद दुबे ने कहा कि किसी भी विषय की समस्या का समाधान संवाद होता है। जिस प्रकार रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है। भारत की इच्छा है कि जंग जल्द रुके। भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर यूक्रेन के दौरे पर हैं। वहां के राष्ट्राध्यक्ष से मिल रहे हैं। भारत चाहता है कि दोनों देश सुरक्षित रहें। इससे पूरे विश्व को फायदा होगा। भारत ही एक मात्र ऐसा देश है जो शांति चाहता है, क्योंकि भारत बुद्ध का देश है न कि युद्ध का।
एक अन्य सवाल पर आनंद दुबे ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक वीवीआईपी को रास्ता देने के लिए गरीब और कमजोर साइकिल वाले को अपमानित किया गया। अगर वीवीआईपी को जल्दी थी तो वह निवेदन कर सकता था लेकिन पुलिसवाले ने रसूख का प्रदर्शन किया, साइकिल के साथ व्यक्ति को फेंक दिया। यह दिखाता है कि भारत में दो देश हैं- एक गरीब भारत और दूसरा अमीर और अहंकारी भारत। हमें इसी असमानता को मिटाना है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लाल बत्ती का प्रचलन खत्म किया,लेकिन आज भी कई स्थानों पर दुरुपयोग होता है। हमें लगता है कि यह वीडियो निराशाजनक है। उस पुलिस वाले और वीवीआई पर कार्रवाई होनी चाहिए।
--आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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