
अनूपपुर. जिले के बिजुरी थाना में पदस्थ आरक्षक लक्ष्मण डांगी को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं. लोगों का आरोप है कि पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा दो बार स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने के बावजूद वे अब तक बिजुरी थाना में ही पदस्थ हैं. इसे लेकर क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब स्थानांतरण आदेश जारी हो चुका है, तो उसका पालन अब तक क्यों नहीं कराया गया. लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस मुख्यालय के आदेशों का समय पर पालन नहीं हो रहा है, तो इससे विभागीय व्यवस्था और अनुशासन पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है.
क्षेत्र के कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित आरक्षक कथित रूप से रेत, कोयला और कबाड़ के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण प्रदान करते हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी वजह से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है. हालांकि, इन आरोपों की किसी सक्षम जांच एजेंसी या पुलिस विभाग द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर, पुलिस मुख्यालय भोपाल और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित आरक्षक अब तक बिजुरी थाना में किस आधार पर पदस्थ हैं. लोगों का कहना है कि यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, और यदि आरोप निराधार हैं तो विभाग आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट कर जनता के बीच फैली चर्चाओं पर विराम लगाए.
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