
भोपाल. मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है।
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे चक्रवाती तूफान अर्णब का कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होना बताया गया है। फिलहाल इसका केंद्र मध्य छत्तीसगढ़ के आसपास बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी और मध्य हिस्सों के कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। जिन जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, उनमें निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली, सीधी, सतना, रीवा, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, कटनी, श्योपुर, भिंड, मुरैना, अशोकनगर, दतिया, शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, विदिशा और राजगढ़ शामिल हैं।
इन जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, सीहोर, रायसेन और भोपाल में बादल छंटने के आसार हैं।
इन क्षेत्रों में मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है। हालांकि आसपास के जिलों में मौसम की गतिविधियों को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
मध्यप्रदेश में बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से हो रही बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों के साथ मंडियों में रखी कृषि उपज को भी प्रभावित किया है। किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या कटी हुई फसल और खुले में रखी उपज को सुरक्षित रखने की है।
छिंदवाड़ा जिले में धान की फसल को बारिश से ज्यादा नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा मक्का की उपज भी बारिश में भीग गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई इलाकों में किसान खेतों में काटकर रखी धान की फसल को पानी से बचाने के लिए तिरपाल और अन्य इंतजाम करते नजर आए।
मंडियों में पहुंच चुकी उपज भी बारिश की चपेट में आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो फसलों की गुणवत्ता और भंडारण पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के येलो अलर्ट को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका के बीच खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।
किसानों को भी खुले में रखी धान, मक्का और अन्य कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा तिरपाल से ढकने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल मध्यप्रदेश में मौसम की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के 33 जिलों में जारी येलो अलर्ट के बीच लोगों और किसानों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
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