
सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र अंतर्गत कंदवा गांव में जमीन के पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर खून-खराबा हुआ। दोनों पक्षों की ओर से सरेआम तलवार, चाकू और लाठी-डंडे चले, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हिंसक झड़प का एक बेहद डरावना वीडियो भी मंगलवार दोपहर को सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करते साफ नजर आ रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए रामपुर बघेलान थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
विवाद की जड़ में दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा जमीनी विवाद है। पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनका गांव के ही पंकज तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी के परिवार से जमीन को लेकर पुराना मनमुटाव है। बीते 25 मई की शाम करीब 6 बजे जब राजकिशोर की माता तुलसी देवी घर के दरवाजे पर बैठी थीं, तभी दूसरे पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए अचानक उनके घर के भीतर घुस आए। आरोप है कि हमलावरों में से एक के हाथ में नंगी तलवार थी, जबकि बाकी लोग चाकू और डंडों से लैस थे। इन लोगों ने परिवार के सदस्य नमन तिवारी पर हमला करने की कोशिश की और जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने बुजुर्ग महिला तुलसी देवी, शिकायतकर्ता और बीच-बचाव करने आए अन्य सदस्यों को घेरकर बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी के खिलाफ नामजद आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, दूसरे पक्ष ने भी पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पहले पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरे पक्ष का कहना है कि उनके परिवार का सदस्य पंकज तिवारी, जो सेना में फौजी है और इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ है, उस पर विपक्षी दल के लोगों ने जानलेवा हमला किया। दूसरे पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने राजकिशोर तिवारी, अभय तिवारी, अंशु तिवारी, नमो तिवारी और धीरू तिवारी सहित पांच लोगों के खिलाफ मारपीट और हमला करने का मुकदमा दर्ज किया है।
इस खूनी संघर्ष के बाद कंदवा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है। रामपुर बघेलान थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर घायलों को चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) के लिए भेज दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और फुटेज के आधार पर दंगाईयों की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो में दिख रही भूमिका के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ जल्द ही सख्त वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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