
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी अब और भी गहरी होती जा रही है। हाल ही में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के वरिष्ठ अधिकारी जनरल केविन बी. श्नाइडर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर जोर दिया गया।
इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय के अनुसार, इस वार्ता में त्रि-सेवा सहयोग को बढ़ाने पर विशेष सहमति बनी। दोनों देशों ने स्वीकार किया कि आधुनिक युद्ध में तकनीक सैन्य शक्ति का मुख्य आधार है। इसी दिशा में रक्षा सहयोग को प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीतियों पर विचार किया गया। इससे पहले जनरल चौहान ने ब्रिटेन के सैन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक की थी। वहां उन्होंने साइबर खतरों और व्यापार असंतुलन जैसे वैश्विक मुद्दों पर सर रिचर्ड नाइटन के साथ गहन चर्चा की थी।
जनरल अनिल चौहान ने अपने ब्रिटेन दौरे के दौरान रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज को भी संबोधित किया। उन्होंने वहां आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और वैश्विक सुरक्षा पर इसके प्रभावों को विस्तार से समझाया। सीडीएस ने रेखांकित किया कि भारत वैश्विक स्तर पर स्थिरता सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन के बीच यह बढ़ता सैन्य समन्वय इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की समृद्धि के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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