
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में विस्तार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में नागपुर के 'भारतदुर्गा शक्तिस्थल' में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि हर परिवार चार बच्चे पैदा करने का संकल्प ले। भागवत ने कहा कि उन चार बच्चों में से एक को राष्ट्र सेवा के लिए संघ के स्वयंसेवक के रूप में समर्पित कर देना चाहिए। यह आह्वान संगठन के भविष्य और राष्ट्र निर्माण की नींव को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों की निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय संघ कार्यकर्ता सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं। उन्होंने भारत के 'विश्वगुरु' बनने की राह में किसी भी प्रकार के संदेह को त्यागने की सलाह दी। राम मंदिर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह मंदिर निर्माण की बाधाएं दूर हुईं, उसी तरह भारत का भविष्य भी उज्ज्वल होना निश्चित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के बिना दुनिया का कोई भविष्य संभव नहीं है।
संघ के शताब्दी वर्ष अभियान के तहत समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि केरल जैसे राज्यों में संघ ने हजारों मुस्लिम और ईसाई परिवारों तक दस्तक दी है। स्वयंसेवकों ने डोर-टू-डोर अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक शक्ति के निर्माण का प्रयास किया है। भागवत ने स्पष्ट किया कि संगठन का विस्तार केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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