
नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र में भारत को बड़ी मजबूती देते हुए रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन को भारतीय नौसेना को सौंप दिया। यह देश की तीसरी स्वदेश निर्मित परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा और परमाणु क्षमता को बड़ा बल मिला है।
रक्षा मंत्री ने इस मौके पर कहा कि “अरिदमन सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है।” यह पनडुब्बी अरिहंत श्रेणी का उन्नत संस्करण है और इससे पहले INS Arihant (2016) और INS Arighat (2024) को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। INS अरिदमन के शामिल होने से भारत के परमाणु त्रिशूल (Nuclear Triad) और समुद्री प्रतिरोध क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
इसी मौके पर INS Taragiri को भी नौसेना में शामिल किया गया, जो प्रोजेक्ट 17A के तहत बना एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है। लगभग 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत ‘मेक इन इंडिया’ पहल का बेहतरीन उदाहरण है।
मुंबई स्थित Mazagon Dock Shipbuilders Limited द्वारा निर्मित यह फ्रिगेट उन्नत स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिससे इसका रडार पर पता लगाना कठिन होता है। इसमें 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और इसके निर्माण में 200 से ज्यादा MSMEs का योगदान रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच इन दोनों सैन्य प्लेटफॉर्म्स का शामिल होना भारत की नौसैनिक ताकत को नई ऊंचाई देगा और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
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