
इंदौर. भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद इंदौर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस ने मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी नेताओं ने रविवार को भागीरथपुरा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं.
शहर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि आंदोलन की रणनीति केवल पार्टी स्तर पर तय नहीं की जाएगी, बल्कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं और उनकी मांगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पीड़ितों से बातचीत के बाद चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी.
मृतक जीवनलाल के परिवार से की मुलाकात
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता रविवार सुबह भागीरथपुरा पहुंचे. टीम ने सबसे पहले दूषित पानी की घटना में जान गंवाने वाले जीवनलाल के परिवार से मुलाकात की. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इलाके के अन्य प्रभावित परिवारों के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति और समस्याओं की जानकारी ली.
नेताओं ने परिवारों से यह भी पूछा कि उन्हें अब तक प्रशासन की ओर से क्या सहायता मिली है और जांच रिपोर्ट में सामने आए निष्कर्षों को लेकर उनकी क्या आपत्तियां हैं. कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित लोगों की बात को आंदोलन का प्रमुख आधार बनाया जाएगा.
जांच रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
भागीरथपुरा मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही तकनीकी और प्रशासनिक खामियों का उल्लेख सामने आया है. रिपोर्ट में पाइपलाइन व्यवस्था, निगरानी, शिकायतों पर कार्रवाई और पाइपलाइन बदलने की प्रक्रिया में देरी जैसे पहलुओं पर भी चर्चा की गई है.
हालांकि कांग्रेस ने रिपोर्ट के निष्कर्षों पर असहमति जताई है. शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में वास्तविक जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं की गई और इसे उन्होंने 'लीपापोती' करार दिया.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने गंभीर मामले में केवल व्यवस्थागत खामियों का उल्लेख पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए.
आंदोलन की तैयारी में जुटी कांग्रेस
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भागीरथपुरा मामले को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. पार्टी प्रभावित परिवारों के साथ संवाद बढ़ाने के साथ-साथ जांच रिपोर्ट के उन बिंदुओं को भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाने की तैयारी में है, जिन पर उसे आपत्ति है.
वहीं, रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आया है कि भागीरथपुरा की त्रासदी किसी एक दिन की गलती का परिणाम नहीं थी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही जल और सीवरेज व्यवस्था की कमियों तथा निगरानी में हुई चूकों का परिणाम रही.
अब इस मामले में कांग्रेस के आंदोलन और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
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